हिचकियाँ दिलाकर हमारी उल्फत क्यूँ बढ़ा रहे हो
Popular Shayari Topics for You.
हिचकियाँ दिलाकर हमारी उल्फत क्यूँ बढ़ा रहे हो,
बस इतना बता दो याद कर रहे हो या याद आ रहे हो।
feelthewords.com
हिचकियाँ दिलाकर हमारी उल्फत क्यूँ बढ़ा रहे हो,
बस इतना बता दो याद कर रहे हो या याद आ रहे हो।
Hichkiyan Dilakar Humari Ulfat Kyun Barha Rahe Ho,
Bas Itna Bata Do Yaad Kar Rahe Ho Ya Yaad Aa Rahe Ho.
