हर रोज अपनी ही बातो को बदलने लगें सरकार यहां
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हर रोज अपनी ही बातो को बदलने लगें सरकार यहां ,
तमाशा है या फिर तानाशाह कोई बताए एक बार यहां ।
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हर रोज अपनी ही बातो को बदलने लगें सरकार यहां ,
तमाशा है या फिर तानाशाह कोई बताए एक बार यहां ।
Har roj apanee hee baato ko badalane lagen sarakaar yahaan ,
Tamaasha hai ya phir taanaashaah koee batae ek baar yahaan .
