लगा कर आग सीने में चले हो तुम कहाँ
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लगा कर आग सीने में चले हो तुम कहाँ,
अभी तो राख उड़ने दो तमाशा और होना है।
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लगा कर आग सीने में चले हो तुम कहाँ,
अभी तो राख उड़ने दो तमाशा और होना है।
Laga Kar Aag Seene Mein Chale Ho Tum Kahan,
Abhi Toh Raakh Udne Ka Tamasha Aur Hona Hai.
