मंज़िल जुदा राहें जुदा फिर भी जुदा नहीं
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मंज़िल जुदा, राहें जुदा, फिर भी जुदा नहीं,
वो चला गया पर क्यों, मैं उससे ख़फा नहीं ।
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मंज़िल जुदा, राहें जुदा, फिर भी जुदा नहीं,
वो चला गया पर क्यों, मैं उससे ख़फा नहीं ।
Manzil juda, raahen juda, phir bhee juda nahin,
Vo chala gaya par kyon, main usase khapha nahin .
