नये ज़माने में अगर खुद को उदास पाऊंगा
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नये ज़माने में अगर खुद को उदास पाऊंगा,
यह शाम याद करके अपने ग़म को भूल जाऊंगा।
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नये ज़माने में अगर खुद को उदास पाऊंगा,
यह शाम याद करके अपने ग़म को भूल जाऊंगा।
Naye Zamane Mein Agar Khud Ko Udaas Paaunga,
Yeh Shaam Yaad Karke Apne Gham Bhool Jaunga.
