तेरे किससे तेरी ही कहानियाँ मिलेंगीं मुझमें हरदम
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तेरे किससे तेरी ही कहानियाँ मिलेंगीं मुझमें हरदम,
मैं कोई अखबार नहीं हूँ जो हर रोज बदल जाऊं।
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तेरे किससे तेरी ही कहानियाँ मिलेंगीं मुझमें हरदम,
मैं कोई अखबार नहीं हूँ जो हर रोज बदल जाऊं।
Tere Kisse Teri Hi Kahaniyan Milengi Mujhme HarDam,
Main Koi Akhbar Nahi Hoon Jo Har Roz Badal Jaaun.
