कुछ ठोकरों के बाद नज़ाक़त आ गई मुझ में
Popular Shayari Topics for You.
कुछ ठोकरों के बाद नज़ाक़त आ गई मुझ में,
अब दिल के मशवरों पे मैं भरोसा नहीं करता।
feelthewords.com
कुछ ठोकरों के बाद नज़ाक़त आ गई मुझ में,
अब दिल के मशवरों पे मैं भरोसा नहीं करता।
Kuchh Thokaro Ke Baad Nazakat Aa Gayi Mujhme,
Ab Dil Ke Mashwaro Pe Main Bharosa Nahi Karta.
