काश! खुशियों की गंगा कभी गरीबों की बसती में आये,
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काश! खुशियों की गंगा कभी गरीबों की बसती में आये,
जिन्हें मुस्कुरायें सदियाँ हो गई वो थोड़ा सा मुस्कुराये.
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काश! खुशियों की गंगा कभी गरीबों की बसती में आये,
जिन्हें मुस्कुरायें सदियाँ हो गई वो थोड़ा सा मुस्कुराये.
Kaash! khushiyon kee ganga kabhee gareebon kee basatee mein aaye,
Jinhen muskuraayen sadiyaan ho gaee vo thoda sa muskuraaye.
