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Thag Shayari

Zyada parwah karo to duniya waale thag hi lete hain.

Thag shayari mein dilli ki hawa lagte hi haseenaon se dil thagi jaane ka mazedaar andaaz hai. Isi mazedaar andaaz mein Delhi shayari bhi padhein.

कई हसीना मुझे आज ठग गई है,
दिल को दिल्ली की हवा लग गई है.

Kaee haseena mujhe aaj thag gaee hai,
Dil ko dillee kee hava lag gaee hai.

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लापरवाही ही भली है

लापरवाही ही भली है...
परवाह करो तो ठग लेते है लोग...!!

Laparvahi hi bhali hai...
Parvaah karo to thag lete hai log !!

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Frequently Asked Questions

'ठग' शायरी में दिल्ली का जिक्र किस अंदाज़ में हुआ है?
एक शायरी में हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा गया है, "कई हसीना मुझे आज ठग गई है, दिल को दिल्ली की हवा लग गई है" — यहाँ ठगे जाने का मतलब किसी की खूबसूरती में दिल हार जाना है, न कि असली धोखा। यह मिज़ाज़ Delhi और Dil शायरी के प्रेम-भरे रंग से भी मिलता-जुलता है।
लापरवाही से जुड़ी ठग शायरी क्या सीख देती है?
दूसरी शायरी में एक व्यावहारिक सीख दी गई है — "लापरवाही ही भली है... परवाह करो तो ठग लेते है लोग" — यानी जो लोग दूसरों की बहुत परवाह करते हैं, अक्सर वही ठगे जाते हैं। यह भाव Laparwahi शायरी के मूल विषय से सीधे जुड़ा है।
क्या इस पेज की ठग शायरियाँ गंभीर धोखे की बात करती हैं?
नहीं, यहाँ मौजूद दोनों शायरियाँ हल्के-फुल्के अंदाज़ की हैं — एक इश्क़ में दिल हारने की बात करती है तो दूसरी सतर्क रहने की सीख देती है, दोनों ही 2 Line जैसे संक्षिप्त और चुटीले अंदाज़ में लिखी गई हैं।

Ek sher yahan zyada parwah karne walon ko duniya thag leti hai, isliye laparwahi hi bhali hai, ye seedhi baat kehta hai. Aage Dil aur Aaj shayari bhi padhein.