Pratigya Anmol Vachan
समय पर प्रतिज्ञा न निभाने से टूटते भरोसे की बात करता वचन।
प्रतिज्ञा जिस उद्देश्य के लिए ली जाए, उसे तय समय पर ही पूरा करना ज़रूरी है, वरना लोगों का भरोसा धीरे-धीरे खत्म हो जाता है, यह अनमोल वचन यही चेताता है। वादा निभाने में देरी, वादे को ही कमजोर बना देती है।
जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो,
ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिए,
नही तो लोगो का विश्वास उठ जाता है..
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Frequently Asked Questions
यह वचन प्रतिज्ञा के बारे में क्या सिखाता है?
यह वचन कहता है कि जिस समय किसी काम के लिए प्रतिज्ञा की जाए, उसे ठीक उसी समय पूरा किया जाना चाहिए। समय पर वचन न निभाने से लोगों का विश्वास टूट जाता है।
यह विचार भरोसे से कैसे जुड़ा है?
वचन के अनुसार समय पर प्रतिज्ञा पूरी करना ही विश्वास बनाए रखने की कुंजी है। देरी या टालमटोल सीधे तौर पर दूसरों के भरोसे को कमजोर करती है।
यह वचन किन मूल्यों से जुड़ा है?
यह भाव Kaam के प्रति निष्ठा और Samay की पाबंदी से जुड़ा है, और इसकी सकारात्मक सोच Sakaratmak श्रेणी में भी झलकती है।
जिस काम को लेकर वचन दिया जाए उसे निभाने की गंभीरता यहाँ साफ झलकती है। ऐसी ज़िम्मेदार सोच सकारात्मक वचनों की सूची में भी शामिल है।
