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Mizaaj Shayari

Mizaaj wahi jo dil ko bhaaye

Kisi ka mizaaj bilkul mausam jaisa badalta rehta hai, aur jiska mizaaj achha ho woh har kisi ko bhaane lagta hai - yeh dilchasp tulna is topic ki khaasiyat hai. Isi mausami mizaaj ki baat Chand mein bhi hai.

Mizaaj Shayari - Har Kisi Ka Apna Andaaz

जो खानदानी रईस है वो रखते है मिजाज़ नर्म अपना...।।
तेरा चलना बता रहा है कि तेरी दौलत नई-नई है...।।

Jo khaanadaanee raees hai vo rakhate hai mijaaz narm apana.....
Tera chalana bata raha hai ki teree daulat naee-naee hai.....

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मिजाज़ जैसा हो मौसम वैसा ही लगता है...
अच्छे मिजाज़ वाले को हर इंसाँ अच्छा लगता है...!!

Mijaaz jaisa ho mausam vaisa hee lagata hai...
Achchhe mijaaz vaale ko har insaan achchha lagata hai...!!

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वो अच्छे हैं तो बेहतर बुरे हैं तो भी कबूल

वो अच्छे हैं तो बेहतर , बुरे हैं तो भी कबूल...
मिजाज़-ए-इश्क में ऐब-ओ-हुनर देखे नहीं जाते...!!

Vo achchhe hain to behatar , bure hain to bhee kabool...
Mijaaz-e-ishk mein aib-o-hunar dekhe nahin jaate...!!

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भरी सख्ती मिजाज़ों में नहीं पैदायशी यूँ हम

भरी सख्ती मिजाज़ों में, नहीं पैदायशी यूँ हम .....
किसी की बेरूखी झेली, पिघल के फिर जमे हैं हम

Bharee sakhtee mijaazon mein, nahin paidaayashee yoon ham .....
Kisee kee berookhee jhelee, pighal ke phir jame hain ham

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2 Line Shayari

चाँद का मिजाज़ भी बिलकुल तेरे जैसा है ,
जब देखने की तमन्ना हो....... नज़र नहीं आता !!!

Chaand ka mijaaz bhee bilakul tere jaisa hai ,
Jab dekhane kee tamanna ho....... nazar nahin aata !!!

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खुश्मिजाज़ी फितरत हैं हमारी...
पर "दर्द" से मुकम्मल हैं हम...!!

Khushmijaazee phitarat hain hamaaree...
Par "dard" se mukammal hain ham...!!

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काश कोई मिले मुझे इस तरह कि फिर जुद़ा ना हो

काश कोई मिले मुझे इस तरह कि फिर जुद़ा ना हो,
जो समझे मेरे मिजाज़ को और कभी मुझसे खफ़ा ना हो !!

Kaash koee mile mujhe is tarah ki phir judaa na ho,
Jo samajhe mere mijaaz ko aur kabhee mujhase khafa na ho !!

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Frequently Asked Questions

पुराने अमीर खानदान के मिजाज़ को किस तरह बताया गया है?
एक शायरी में कहा गया है "जो खानदानी रईस है वो रखते है मिजाज़ नर्म अपना... तेरा चलना बता रहा है कि तेरी दौलत नई-नई है", यानी असली पुराने रईसों का स्वभाव नर्म होता है जबकि नई-नई दौलत वाला व्यक्ति अपने चाल-ढाल से पहचान जाता है।
क्या अच्छा मिजाज़ किसी की सोच बदल सकता है?
हां, "मिजाज़ जैसा हो मौसम वैसा ही लगता है... अच्छे मिजाज़ वाले को हर इंसाँ अच्छा लगता है" के अनुसार अच्छे स्वभाव वाले व्यक्ति को दुनिया भी अच्छी नजर आती है, ठीक वैसे ही जैसे मिजाज़ के अनुसार मौसम महसूस होता है।
इश्क़ के मिजाज़ में क्या खासियत बताई गई है?
"वो अच्छे हैं तो बेहतर , बुरे हैं तो भी कबूल... मिजाज़-ए-इश्क में ऐब-ओ-हुनर देखे नहीं जाते" के मुताबिक प्यार के मिजाज़ में सामने वाले की खामियां या खूबियां नहीं परखी जातीं, दोनों ही रूप स्वीकार होते हैं।
सख्त मिजाज़ और बेरूखी का क्या संबंध बताया गया है?
एक शायरी में कहा गया है "भरी सख्ती मिजाज़ों में, नहीं पैदायशी यूँ हम... किसी की बेरूखी झेली, पिघल के फिर जमे हैं हम", यानी सख्त मिजाज़ जन्मजात नहीं बल्कि किसी की बेरूखी सहने के बाद बना।
यह मिजाज़ शायरी कलेक्शन किन पहलुओं को छूता है?
यह कलेक्शन खानदानी नर्म स्वभाव से लेकर इश्क़ के मिजाज़ और सख्ती के पीछे की वजह तक, मिजाज़ के कई अलग-अलग रंगों को शायरियों के जरिए दिखाता है।

Ishq mein kisi ka achha ya bura mizaaj bina shart kabool karna aur sakhti ke baad bhi pighal jaana, yeh dono rang yahan saath dikhaye gaye hain. Judi hui shayari Berukhi aur Achchha mein bhi milegi.