Logo - Feel The Words

Haiwaan Shayari

Insaan ke bheetar chhupa haiwaan, pehchaanna mushkil.

Haiwaan shayari mein ghar-ghar se haiwaniyat mit jaane aur insaaniyat na rehne ke bawajood khush rehne wale insaan ka vyang hai. Isi tewar mein Status bhi padhein.

Haiwaan Shayari - Insaan Aur Haiwaniyat Ke Sher

रात में हैवान दिन में इंसान बने बैठे हैं,
कुछ ऐसे भी भगवान बने बैठे हैं।

Raat mein haivaan din mein insaan bane baithe hain,
Kuchh aise bhee bhagavaan bane baithe hain.

Read more...

घर-घर गया पर अब कहीं हैवानियत न रही
इंसान ख़ुश हैं क्योंकि अब इंसानियत न रही

Ghar-ghar gaya par ab kaheen haivaaniyat na rahee,
Insaan khush hain kyonki ab insaaniyat na rahee !!

Read more...

​इंसानी जिस्म में सैंकड़ों हैवान देखे है

​इंसानी जिस्म में सैंकड़ों हैवान देखे है,​
​मैंने दिल में रंजिश रख महफ़िल में आये मेहमान देखे है.

​insaanee jism mein sainkadon haivaan dekhe hai,​
​mainne dil mein ranjish rakh mahafil mein aaye mehamaan dekhe hai.

Read more...

Frequently Asked Questions

हैवान शायरी किस सामाजिक भाव को उजागर करती है?
हैवान शायरी समाज में इंसानियत के घटते स्तर पर तीखा कटाक्ष करती है। “घर-घर गया पर अब कहीं हैवानियत न रही, इंसान ख़ुश हैं क्योंकि अब इंसानियत न रही” पंक्ति एक गहरी विडंबना दिखाती है - जहाँ हैवानियत के मिटने की बात होती है, पर असल में इंसानियत ही गायब हो चुकी है।
क्या हैवान शायरी में दोहरे चरित्र वाले लोगों की बात होती है?
हाँ, बिलकुल। “रात में हैवान दिन में इंसान बने बैठे हैं, कुछ ऐसे भी भगवान बने बैठे हैं।” पंक्ति उन लोगों पर तंज़ करती है जो बाहर से भले और पूज्य Bhagwan जैसे दिखते हैं पर असल में उनका असली चेहरा कुछ और ही होता है।
हैवान शायरी में इंसानी जिस्म और असली फितरत का ज़िक्र कैसे किया गया है?
“इंसानी जिस्म में सैंकड़ों हैवान देखे है, मैंने दिल में रंजिश रख महफ़िल में आये मेहमान देखे है.” पंक्ति में शायर कहता है कि महफ़िलों में मुस्कुराते चेहरों के पीछे भी दिल में छिपी रंजिश और हैवानियत छुपी हो सकती है - यह Bewafa शायरी जैसे धोखे के भाव से भी मेल खाता है।
हैवान शायरी को और कहाँ पढ़ा जा सकता है?
अगर आपको यह तीखे सामाजिक तंज़ वाला अंदाज़ पसंद आया, तो हमारे Status सेक्शन में भी हैवान पर आधारित संक्षिप्त स्टेटस मिलेंगे, और छोटी लेकिन गहरी बात कहने वाली 2 Line शायरी भी देख सकते हैं।

Ek sher yahan raat mein haiwaan aur din mein insaan bankar baithe logon ka zikr hai, kuch to bhagwan tak ban baithte hain. Aage Bewafa aur Bhagwan shayari bhi padhein.