मेरे हाथों की लकीरों के इज़ाफ़े हैं गवाह
Popular Shayari Topics for You.
मेरे हाथों की लकीरों के इज़ाफ़े हैं गवाह,
मैने पत्थर की तरह खुद को तराशा है बहुत।
feelthewords.com
मेरे हाथों की लकीरों के इज़ाफ़े हैं गवाह,
मैने पत्थर की तरह खुद को तराशा है बहुत।
Mere Haathon Ki Lakeeron Ke Izaafe Hain Gawah,
Maine Patthar Ki Tarah Khud Ko Tarasha Hai Bahut.
Today's Shayari
इल्ज़ाम तो हर हाल में काँटों पे ही लगेगा,
ये सोचकर अक्सर फूल भी चुपचाप ज़ख्म दे जातें हैं !
Today's Joke
दामाद ससुर सेः पापाजी आपकी लाडली ने नाक में दम कर रखा है..!
ससुरः बेटा मेरे बारे में सोचो.. मेरे...
Today's Status
Life is like a book. Each day like a new page. So let the first words you write be Good...
Status Of The DayToday's Prayer
My prayer for you this morning is for Jesus to take the wheel in all your situations. Have a fruitful...
Prayer Of The Day