न उड़ाओ यूं ठोकरों से मेरी खाके-कब्र ज़ालिम
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न उड़ाओ यूं ठोकरों से मेरी खाके-कब्र ज़ालिम,
यही एक रह गई है मेरे प्यार की निशानी।
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न उड़ाओ यूं ठोकरों से मेरी खाके-कब्र ज़ालिम,
यही एक रह गई है मेरे प्यार की निशानी।
Na Udhaao Yun Thokro Mein Meri Khak-e-Kabr Zalim,
Yehi Ek Rah Gayi Hai Mere Pyaar Ki Nishaani.
