तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी
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तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी,
आज वो क्यों मेरे साए से कतराते हैं,
हम भी वही हैं दिल भी वही है,
न जाने क्यों लोग बदल जाते हैं।
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तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी,
आज वो क्यों मेरे साए से कतराते हैं,
हम भी वही हैं दिल भी वही है,
न जाने क्यों लोग बदल जाते हैं।
Taraste The Jo Milne Ko Humse Kabhi,
Aaj Woh Kyun Mere Saaye Se Katrate Hain,
Hum Bhi Wohi Hain Dil Bhi Wohi Hai,
Na Jaane Kyun Log Badal Jaate Hain.
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