कुछ कर अब मेरा भी इलाज ऐ हकीम-ए-मुहब्बत
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कुछ कर अब मेरा भी इलाज ऐ हकीम-ए-मुहब्बत,
हर रात वो याद आता है और मुझसे सोया नहीं जाता।
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कुछ कर अब मेरा भी इलाज ऐ हकीम-ए-मुहब्बत,
हर रात वो याद आता है और मुझसे सोया नहीं जाता।
Kuchh Kar Ab Mera Bhi Ilaaj Ai Hakeem-e-Mohabbat,
Har Raat Woh Yaad Aata Hai Aur Mujhse Soya Nahi Jata.
