रात भर सिसकते रहना बस इक शख्स की खातिर
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रात भर सिसकते रहना बस इक शख्स की खातिर,
इसे गर इश्क कहते हैं तो वल्लाह मेरी तौबा।
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रात भर सिसकते रहना बस इक शख्स की खातिर,
इसे गर इश्क कहते हैं तो वल्लाह मेरी तौबा।
Raat Bhar Sisakte Rehna Bas Ek Shaks Ki Khatir,
Ise Gar Ishq Kehte Hain Toh Wallah Meri Tauba.
