ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम
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ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम
पर ख़ुद की नज़रों में यकीं मानो कभी कम नहीं हुए हम !!
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ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम
पर ख़ुद की नज़रों में यकीं मानो कभी कम नहीं हुए हम !!
Khuddaaree vajah rahee ki zamaane ko kabhee hazam nahin hue ham
Par khud kee nazaron mein yakeen maano kabhee kam nahin hue ham !!
