इन्हीं जर्रों से कल होंगे नए कुछ कारवां पैदा
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इन्हीं जर्रों से कल होंगे नए कुछ कारवां पैदा,
जो जर्रे आज उड़ते हैं गुबार-ए-कारवां होकर।
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इन्हीं जर्रों से कल होंगे नए कुछ कारवां पैदा,
जो जर्रे आज उड़ते हैं गुबार-ए-कारवां होकर।
Inhin Jarron Se Kal Honge Naye Kuchh Kaarwan Paida,
Jo Zarre Aaj Udte Hain Gubaar-e-Karwan Hokar.
