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अगर यकीन होता कि कहने से रुक जायेंगे,
तो हम भी हंसकर उनको पुकार लेते,
मगर नसीब को मेरे ये मंजूर नहीं था,
कि हम भी दो पल ख़ुशी के गुजार लेते।
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अगर यकीन होता कि कहने से रुक जायेंगे,
तो हम भी हंसकर उनको पुकार लेते,
मगर नसीब को मेरे ये मंजूर नहीं था,
कि हम भी दो पल ख़ुशी के गुजार लेते।

Agar Yakeen Hota Ki Kahne Se Ruk Jaayenge,
Toh Hum Bhi Hanskar Unko Pukaar Lete,
Magar Naseeb Ko Mere Yeh Manjoor Nahi Tha,
Ki Hum Bhi Do Pal Khushi Se Gujar Lete.

Sad Shayari