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Tapman Shayari

Kabhi mausam ka tapman, kabhi dil ke jazbaat ka badalta tapman.

Tapman shayari mein shabdon ka bhi apna tapman hota hai, jo kabhi sukoon deta hai to kabhi jala bhi deta hai, aur ishq ka bukhaar shehar ke tapman ko hi badal deta hai. Isi jazbe mein Chaahat shayari bhi padhein.

शब्दों का भी तापमान होता है,
ये सुकून भी देते है,और जला भी देते हैं...!

Shabdon ka bhee taapamaan hota hai,
Ye sukoon bhee dete hai,aur jala bhee dete hain...!

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मनुष्य न तो मौसम है और न ही तापमान,
फिर भी न जाने क्यों बदल जाता है...

Manushy na to mausam hai aur na hee taapamaan,
Phir bhee na jaane kyon badal jaata hai...

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एक तो मेरी चाहत और दुसरा इश्क का बुखार

एक तो मेरी चाहत और दुसरा इश्क का बुखार,
शहर का तापमान 50 डिग्री ना हो तो क्या हो

Ek to meree chaahat aur dusara ishk ka bukhaar,
Shahar ka taapamaan 50 digree na ho to kya ho

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तापमान तो AC और कूलर वालो के लिए बढा है साहब
खेत में किसान और सीमा पर जवान तो आज भी वहीं है !!

Taapamaan to AC aur coolar vaalo ke lie badha hai saahab
Khet mein kisaan aur seema par javaan to aaj bhee vaheen hai !!

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2 Line Shayari

ऐ जनवरी के तापमान बता जरा...
किसके प्यार में इतना गिर रहा है

Aye January ke taapmaan bata jara,
Kiske pyaar me itna gir raha hai !!

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Frequently Asked Questions

शब्दों के भी अपना तापमान होने और सुकून के साथ-साथ जला भी देने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"शब्दों का भी तापमान होता है, ये सुकून भी देते है,और जला भी देते हैं...!" — यह शायरी कहती है कि शब्दों का भी अपना तापमान होता है, वे सुकून भी दे सकते हैं और जला भी सकते हैं।
मनुष्य के न मौसम होने न तापमान होने के बावजूद बदल जाने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"मनुष्य न तो मौसम है और न ही तापमान, फिर भी न जाने क्यों बदल जाता है..." — यह शायरी कहती है कि मनुष्य न तो मौसम है और न ही तापमान, फिर भी न जाने क्यों वह बदल जाता है।
चाहत और इश्क के बुखार से शहर के तापमान के 50 डिग्री जैसे होने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"एक तो मेरी चाहत और दुसरा इश्क का बुखार, शहर का तापमान 50 डिग्री ना हो तो क्या हो" — यह शायरी अपनी चाहत और इश्क के बुखार को इस कदर बताती है कि शहर का तापमान 50 डिग्री होना ज़रूरी नहीं लगता।
AC-कूलर वालों के लिए तापमान बढ़ने और किसान-जवान के लिए हालात वैसे ही रहने की बात कहने वाली शायरी कौन सी है?
"तापमान तो AC और कूलर वालो के लिए बढा है साहब खेत में किसान और सीमा पर जवान तो आज भी वहीं है !!" — यह शायरी बिना किसी को दोष दिए सामाजिक विषमता पर टिप्पणी करती है कि तापमान तो सिर्फ AC और कूलर वालों के लिए बढ़ा है, खेत में किसान और सीमा पर जवान की हालत आज भी वही है।
Tapman से जुड़ी और शायरी कहाँ पढ़ें?
आप 2 Line, Chaahat, January और Love शायरी पढ़ सकते हैं।

Ek sher yahan AC-cooler walon ke tapman ki baat karte hue khet ke kisan aur seema ke jawan ko waisa hi khada batata hai, to doosra January ke girte tapman ko kisi ke ishq se joda hai. Aage January aur 2 Line shayari bhi padhein.