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जुदाई की गज़लें

बिछड़न के दर्द की दास्तान

किसी अपने से बिछड़ने के बाद बचता है सिर्फ़ इंतज़ार और एक अधूरा वादा - जुदाई की गज़लें इसी एहसास को शब्द देती हैं। इसी तरह का दर्द महसूस करने के लिए हमारी Dard गज़लें भी पढ़ें।

दर्द ने मुझे शायर बना दिया है इस क़दर,
हर ग़म अब इक नज़्म बनके निकलता है मुझसे।

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तेरे जाने के बाद घर भी ख़ामोश हो गया है,
हर कोना अब बस यादों का अफ़साना है।

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Popular Ghazals Topics for You.

स्टेशन की बेंच पे अकेला बैठा रहता हूँ,
हर ट्रेन के साथ उम्मीद से उठता रहता हूँ।

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दिल रोता है मगर आँसू नहीं निकलते,
दर्द इतना गहरा है कि अल्फ़ाज़ भी नहीं निकलते।

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Dard Ghazals

कुछ वादे अधूरे छोड़ कर तू चला गया,
जुदाई का ये ज़ख़्म दिल में रहा अनछुआ।

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चाँद गवाह है मेरी हर रात की प्रतीक्षा का,
तेरे इंतज़ार में बीता हर पल है सबूत वफ़ा का।

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वक़्त भी जिस ज़ख़्म को भर नहीं पाया,
वो दर्द आज तक दिल में समाया।

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अंदर ही अंदर इक चीख़ दबी रहती है,
दर्द की ये भाषा सबको कहाँ समझ आती है।

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चेहरे पे मुस्कान दर्द को छुपाने के लिए है,
ये अदा भी हमने सीखी ज़माने के लिए है।

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Intezaar Ghazals

हर साँस में अब इक हल्का सा दर्द रहता है,
फिर भी ज़िंदगी का सफ़र जारी रहता है।

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पुराने ज़ख़्म फिर हरे हो जाते हैं कभी कभी,
वक़्त की मरहम भी कम पड़ जाती है कभी कभी।

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बिस्तर का वो ख़ाली हिस्सा अब भी चुभता है,
जुदाई का एहसास हर रात सालता है।

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स्टेशन पे वो आख़िरी अलविदा याद आता है,
ट्रेन की सीटी आज भी दिल को रुला जाता है।

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तेरे जाने से जैसे आधा वजूद चला गया,
जो बचा है वो बस इक साया रह गया।

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Sad Ghazals

लिखे थे कुछ ख़त मगर जवाब नहीं आया,
जुदाई ने हर रिश्ते को ख़ामोश बनाया।

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हम दोनों की राहें अब अलग हो गई हैं,
यादें ही बस अब इस सफ़र की निशानी हैं।

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हर शाम खिड़की पे आँखें बिछा के बैठा हूँ,
तेरे आने की उम्मीद में पलकें थका के बैठा हूँ।

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घड़ी की सुइयाँ भी आज धीरे चलती लगती हैं,
तेरे इंतज़ार में ये रातें लंबी लगती हैं।

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हर आहट पे लगता है शायद तू आया है,
दिल को हर बार यही धोखा भाया है।

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Judai Ghazals In Hindi

डाकिए का इंतज़ार आज भी रहता है मुझे,
शायद कोई ख़त तेरा रस्ता दिखाए मुझे।

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Frequently Asked Questions

What do the Judai ghazals focus on?
These couplets center on separation itself — a promise to return that hasn't been kept, and someone still watching for the postman or mistaking every footstep for an arrival. The pain here comes specifically from absence, not heartbreak in general.
Why search for Judai ghazals rather than Sad or Dard?
"जुदाई" searches usually come from someone missing a person who is currently away, a slightly different mood from the broader Sad collection or the general ache in Dard.
Is there a specific line that captures this?
A promise made before the separation still keeps the speaker going in one line — "उसी वादे पे जी रहा हूँ मैं आज तक मसरूर" — clinging to words said before the goodbye. That kept-alive promise overlaps closely with the waiting theme at Intezaar.

हर आहट पर लौट आने की उम्मीद जागना, फिर टूट जाना - यही बिछड़न का सबसे मुश्किल हिस्सा है, जिसे इन गज़लों में बड़ी नज़ाकत से बयां किया गया है। राह तकने के जज़्बात के लिए Intezaar गज़लें भी देखें।