Old Wounds, New Pain
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पुराने ज़ख़्म फिर हरे हो जाते हैं कभी कभी,
वक़्त की मरहम भी कम पड़ जाती है कभी कभी।
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पुराने ज़ख़्म फिर हरे हो जाते हैं कभी कभी,
वक़्त की मरहम भी कम पड़ जाती है कभी कभी।
