Logo - Feel The Words

Fakiri Shayari

Fakiri mein bhi apni ek khudaari wali shaan hoti hai.

Fakiri shayari mein khuddari ko hi asli daulat maankar zindagi ko masti mein jeene ka andaaz milta hai, ye soch dikhawe se kahin zyada gehri lagti hai. Isi shaan mein Hasti shayari bhi padhein.

Fakiri Shayari - Khudaari Aur Shaan Ke Sher

बस खुद्दारी ही मेरी दौलत है
जो मेरी हस्ती में रहती है,
बाकी ज़िन्दगी तो फकीरी है
वो अपनी मस्ती में रहती है।

Bas khuddaaree hee meree daulat hai
Jo meree hastee mein rahatee hai,
Baakee zindagee to phakeeree hai
Vo apanee mastee mein rahatee hai.

Read more...

वो बस जाती है फकीरी में अक्सर

वो बस जाती है फकीरी में अक्सर,
तहजीब दौलत की मोहताज नहीं होती...!

Wo bas jaate hai fakiri mein aksar,
Tahjeeb daulat kee mohataaj nahi hotee !!

Read more...

मेरी फकीरी में भी अमीरी का जो जूनून झलकता है यारो

मेरी फकीरी में भी अमीरी का जो जूनून झलकता है यारो,
ये वो खानदानी दौलत है जो , सिर्फ खून में मिला करती है....

Meree phakeeree mein bhee ameeree ka jo joonoon jhalakata hai yaaro,
Ye vo khaanadaanee daulat hai jo , sirph khoon mein mila karatee hai....

Read more...

Frequently Asked Questions

'फकीरी' शायरी कलेक्शन में खुद्दारी को लेकर क्या भाव है?
इस कलेक्शन की एक शायरी खुद्दारी को असली दौलत बताती है — 'बस खुद्दारी ही मेरी दौलत है, जो मेरी हस्ती में रहती है, बाकी ज़िन्दगी तो फकीरी है, वो अपनी मस्ती में रहती है' — यह फकीरी को गरीबी नहीं बल्कि आज़ादी और आत्म-सम्मान के रूप में दिखाती है। Hasti कलेक्शन में अस्तित्व और आत्म-सम्मान से जुड़ी और शायरियां हैं।
फकीरी और तहज़ीब को लेकर इसमें क्या संदेश है?
एक पंक्ति साफ कहती है, 'वो बस जाती है फकीरी में अक्सर, तहजीब दौलत की मोहताज नहीं होती' — यानी असली तहज़ीब और अच्छे संस्कार पैसों के मोहताज नहीं होते, वे फकीरी में भी बस जाते हैं।
फकीरी में भी अमीरी की झलक दिखाने वाली कोई शायरी है?
जी हां, एक शायरी कहती है, 'मेरी फकीरी में भी अमीरी का जो जूनून झलकता है यारो, ये वो खानदानी दौलत है जो, सिर्फ खून में मिला करती है' — यह खानदानी संस्कार और जज़्बे को असली अमीरी बताती है। Jhalak कलेक्शन में झलक से जुड़ी और शायरियां देखें।
यह फकीरी शायरी संग्रह किस तरह के पाठकों को पसंद आएगा?
जो लोग आत्म-सम्मान, सादगी और असली अमीरी को पैसों से ऊपर मानते हैं, उनके लिए यह कलेक्शन खास तौर पर उपयुक्त है। एटीट्यूड से भरी और शायरियों के लिए Attitude कलेक्शन भी देखें।

Ek sher yahan tahzeeb ko daulat ka mohtaj na maankar fakiri mein bhi base rehne ki baat karta hai, to doosra apni fakiri mein khoon mein mili amiri ki khandani jhalak dikhata hai. Aage Attitude aur Jhalak shayari bhi padhein.