Diljale Shayari
Apni hi aah par waah sunte diljale shaayar ka dard bayan karti shayari.
Diljale shayari mein kaha gaya hai ki diljale shaayar waaqai patthar dil hote hain, warna apni hi aah par waah sunna koi mazaak baat nahi hoti. Isi dard mein Dil shayari bhi padhein.
वाकई पत्थर दिल ही होते हैं दिलजले शायर,,...
वर्ना अपनी आह पर वाह सुनना कोई मज़ाक नहीं...
Vaakee patthar dil hee hote hain dilajale shaayar,,...
Varna apanee aah par vaah sunana koee mazaak nahin...
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Frequently Asked Questions
दिलजले शायर की तकलीफ इस संग्रह में किस अंदाज़ में सामने आती है?
इस संग्रह में उन शायरों के दर्द को दर्शाया गया है जो अपनी ही तकलीफ को शब्दों में ढालते हैं। जैसा कि एक पंक्ति में कहा गया है, ‘वाकई पत्थर दिल ही होते हैं दिलजले शायर,, वर्ना अपनी आह पर वाह सुनना कोई मज़ाक नहीं...’ - यानी अपने दर्द पर लोगों की तारीफ सुनना खुद में एक अलग तरह की पीड़ा है। इससे जुड़े भाव आपको Dil और Sad शायरी में भी मिलेंगे।
‘आह पर वाह सुनना मज़ाक नहीं’ इस पंक्ति का गहरा अर्थ क्या है?
यह पंक्ति उस विडंबना को उजागर करती है जब कोई अपने दर्द को शायरी में बयां करता है और सुनने वाले सिर्फ वाह-वाह कहकर तारीफ करते हैं, बिना उस दर्द को महसूस किए। शायर खुद को पत्थर दिल कहकर व्यंग्य करता है कि इतनी पीड़ा सहने के बाद भी वाहवाही सुनना आसान नहीं। इसी तरह के गहरे भाव Patthar शायरी में भी देखे जा सकते हैं।
