हैं दफन मुझ में कितनी रौनकें मत पूछ
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हैं दफन मुझ में कितनी रौनकें मत पूछ,
हर बार उजड़ के बसता रहा वो शहर हूँ मैं।
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हैं दफन मुझ में कितनी रौनकें मत पूछ,
हर बार उजड़ के बसता रहा वो शहर हूँ मैं।
Hain Dafan Mujh Mein Kitni Raunakein Mat Poochh,
Har Baar Ujad Ke Basta Raha Wo Shehar Hoon Main.
Today's Shayari
इल्ज़ाम तो हर हाल में काँटों पे ही लगेगा,
ये सोचकर अक्सर फूल भी चुपचाप ज़ख्म दे जातें हैं !
Today's Joke
दामाद ससुर सेः पापाजी आपकी लाडली ने नाक में दम कर रखा है..!
ससुरः बेटा मेरे बारे में सोचो.. मेरे...
Today's Status
Life is like a book. Each day like a new page. So let the first words you write be Good...
Status Of The DayToday's Prayer
My prayer for you this morning is for Jesus to take the wheel in all your situations. Have a fruitful...
Prayer Of The Day