रोज रोज गिर कर भी मुक़म्मल खड़े हैं
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रोज रोज गिर कर भी मुक़म्मल खड़े हैं,
ऐ ज़िंदगी देख मेरे हौसले तुझसे भी बड़े हैं।
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रोज रोज गिर कर भी मुक़म्मल खड़े हैं,
ऐ ज़िंदगी देख मेरे हौसले तुझसे भी बड़े हैं।
Roj Roj Gir Kar Bhi Muqammal Khade Hain,
Ai Zindgi Dekh Mere Hausle Tujhse Bhi Bade Hain.
Today's Shayari
इल्ज़ाम तो हर हाल में काँटों पे ही लगेगा,
ये सोचकर अक्सर फूल भी चुपचाप ज़ख्म दे जातें हैं !
Today's Joke
दामाद ससुर सेः पापाजी आपकी लाडली ने नाक में दम कर रखा है..!
ससुरः बेटा मेरे बारे में सोचो.. मेरे...
Today's Status
Life is like a book. Each day like a new page. So let the first words you write be Good...
Status Of The DayToday's Prayer
My prayer for you this morning is for Jesus to take the wheel in all your situations. Have a fruitful...
Prayer Of The Day