कोई जंजीर नहीं फिर भी कैद हूँ तुझ में
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कोई जंजीर नहीं फिर भी कैद हूँ तुझ में,
नहीं मालुम था की तुझे ऐसा हुनर भी आता है !!
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कोई जंजीर नहीं फिर भी कैद हूँ तुझ में,
नहीं मालुम था की तुझे ऐसा हुनर भी आता है !!
Koee janjeer nahin phir bhee kaid hoon tujh mein,
Nahin maalum tha kee tujhe aisa hunar bhee aata hai !!
