कभी चुप में कभी मेरी बात-बात में था
Popular Shayari Topics for You.
कभी चुप में कभी मेरी बात-बात में था,
तुम्हारा अक्स मेरी सारी कायनात में था,
हम अहल-ए-इश्क़ बहुत बद-गुमां होते हैं,
इसी तरह का कोई वस्फ़ तेरी जात में था।
- Noshi Gilani
feelthewords.com
कभी चुप में कभी मेरी बात-बात में था,
तुम्हारा अक्स मेरी सारी कायनात में था,
हम अहल-ए-इश्क़ बहुत बद-गुमां होते हैं,
इसी तरह का कोई वस्फ़ तेरी जात में था।
- Noshi Gilani
Kabhi Chup Mein Kabhi Meri Baat Baat Mein Tha,
Tumhara Aks Meri Saari Qaynaat Mein Tha,
Hum Ehl-e-Ishq Bahut Bad-Guman Hote Hain,
Isee Tarah Ka Koi Vasf Teri Jaat Mein Tha.
Today's Shayari
इल्ज़ाम तो हर हाल में काँटों पे ही लगेगा,
ये सोचकर अक्सर फूल भी चुपचाप ज़ख्म दे जातें हैं !
Today's Joke
दामाद ससुर सेः पापाजी आपकी लाडली ने नाक में दम कर रखा है..!
ससुरः बेटा मेरे बारे में सोचो.. मेरे...
Today's Status
Life is like a book. Each day like a new page. So let the first words you write be Good...
Status Of The DayToday's Prayer
My prayer for you this morning is for Jesus to take the wheel in all your situations. Have a fruitful...
Prayer Of The Day