ख़ाक उड़ती है रात भर मुझमें
Popular Shayari Topics for You.
ख़ाक उड़ती है रात भर मुझमें,
कौन फिरता है दर-ब-दर मुझमें,
मुझ को मुझमें जगह नहीं मिलती,
कोई मौजूद है इस क़दर मुझमें।
feelthewords.com
ख़ाक उड़ती है रात भर मुझमें,
कौन फिरता है दर-ब-दर मुझमें,
मुझ को मुझमें जगह नहीं मिलती,
कोई मौजूद है इस क़दर मुझमें।
Khak Udti Hai Raat Bhar Mujh Mein,
Kaun Phirta Hai Dar-Ba-Dar Mujh Me,
Mujh Ko Mujh Mein Jagah Nahi Milti,
Koyi Maujood Hai Iss Kadar Mujh Mein.
