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व्याकुल अनमोल वचन

बेचैन न होना ही असली जीत।

यह व्याकुल अनमोल वचन बताता है कि दुनियावी चीज़ों के मोह में उलझकर मन को अशांत न करना ही सबसे बड़ी उपलब्धि मानी गई है। जो व्यक्ति परिस्थितियों में स्थिर रहता है, वही असल मायने में आगे बढ़ पाता है। इसी शांति के भाव को Sakaratmak से जुड़े वचनों में भी देखा जा सकता है।

उस व्‍यक्ति ने अमरत्‍व प्राप्‍त कर लिया है,
जो किसी सांसारिक वस्‍तु से व्‍याकुल नहीं होता.

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Frequently Asked Questions

व्याकुल पर यह अनमोल वचन क्या सिखाता है?
यह वचन कहता है कि जो व्यक्ति किसी भी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता, वह अमरत्व प्राप्त कर लेता है। इसका सार यह है कि मानसिक स्थिरता और वैराग्य ही असली शांति की कुंजी है।
इस वचन में 'अमरत्व' शब्द किस भाव को दर्शाता है?
यहाँ अमरत्व किसी शारीरिक अजरता की बात नहीं बल्कि मन की उस अवस्था का प्रतीक है, जहाँ सांसारिक उथल-पुथल असर नहीं करती। ऐसा व्यक्ति भीतर से स्थिर और शाश्वत भाव में जीता है।
यह विचार किस तरह के व्यक्तित्व की बात करता है?
यह वचन उस Vyakti की बात करता है जो सांसारिक वस्तुओं के प्रति अनासक्त रहकर आंतरिक संतुलन बनाए रखता है। ऐसी सकारात्मक मनःस्थिति पर आधारित और विचार Sakaratmak श्रेणी में भी मिलेंगे।

मन की यह स्थिरता जीवन के हर क्षेत्र में काम आती है, चाहे रिश्ते हों या लक्ष्य। इंसान से जुड़े गहरे विचार Vyakti से जुड़े अनमोल वचनों में भी मिलते हैं।