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Laila Shayari

Laila-Majnu ka kissa aaj bhi har ishq ki misaal hai.

Laila shayari mein Laila aur Heer jaisi purani ishq ki kahaniyan judai ka gham sahti nazar aati hain, ye kissa-kahaniyan aaj bhi mohabbat ki sabse gehri misaal hain. Isi ishq mein Prem shayari bhi padhein.

लैला की शादी में एक लफड़ा हो गया,
मजनू इतना नाचा कि लँगड़ा हो गया।

Laila kee shaadee mein ek laphada ho gaya,
Majanoo itana naacha ki langada ho gaya.

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क्यों बरसों से जुदाई का गम
लैला और हीर सह रही हैं,
जरा अपना रुमाल तो देना
मेरी नाक बह रही है।

Kyu Barason Se Judai Ka Gam
Laila Aur Heer Sah Rahi Hain,
Jara Apna Rumaal To Dena
Meri Naak Bah Rahi Hai.

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इतना तो मजनू भी नहीं पिटा था लैला के #प्यार में😘😍
जितना बघेल पिट गए #भाजपा सरकार में..

Itna to majnu bhi nahi pita tha laila ke pyaar mein😘😍
Jitana baghel pit gae bhajpa sarkar mein..

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आजकल के हर आशिक की अब तो यही कहानी है..
मजनू चाहता है लैला को, लैला किसी और की दीवानी है।

Aajakal ke har aashik kee ab to yahee kahaanee hai..
Majanoo chaahata hai laila ko, laila kisee aur kee deevaanee hai.

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Frequently Asked Questions

"लैला" शायरी संग्रह में लैला-मजनू की प्रेम कहानी को किस अंदाज़ में पेश किया गया है?
यह संग्रह लैला-मजनू के मशहूर किस्से को हास्य के तड़के के साथ पेश करता है। एक शायरी में मजाकिया अंदाज़ में लिखा गया है - "क्यों बरसों से जुदाई का गम लैला और हीर सह रही हैं, जरा अपना रुमाल तो देना मेरी नाक बह रही है।" यहाँ लैला और हीर जैसे प्रसिद्ध प्रेम-पात्रों के जुदाई के गम को एक हल्के-फुल्के मजाक में बदल दिया गया है। सच्चे प्रेम पर गंभीर शायरियों के लिए Prem देखें।
क्या संग्रह में लैला-मजनू पर कोई हास्यप्रद शायरी भी है?
हाँ, एक बेहद मजेदार शायरी है - "लैला की शादी में एक लफड़ा हो गया, मजनू इतना नाचा कि लँगड़ा हो गया।" यह क्लासिक प्रेम-कहानी को एक चुटीले, हल्के-फुल्के मोड़ के साथ प्रस्तुत करती है, जहाँ गंभीर विरह की जगह ठहाका लगाने वाला अंदाज़ है।
लैला-मजनू के किस्से का इस्तेमाल राजनीतिक व्यंग्य के लिए भी हुआ है?
जी हाँ, एक शायरी में लैला-मजनू के प्रेम को राजनीतिक हार के व्यंग्य से जोड़ा गया है - "इतना तो मजनू भी नहीं पिटा था लैला के प्यार में, जितना बघेल पिट गए भाजपा सरकार में.." यह दिखाता है कि कैसे लोकप्रिय प्रेम-कथाओं का इस्तेमाल आज भी राजनीतिक हास्य गढ़ने के लिए किया जाता है। मन की उलझी भावनाओं से जुड़ी शायरियाँ Mehsoos में पढ़ें।
संग्रह में आधुनिक समय के एकतरफा प्यार को लैला-मजनू से कैसे जोड़ा गया है?
एक शायरी आज के दौर के अधूरे प्यार को इस मशहूर कहानी से जोड़ती है - "आजकल के हर आशिक की अब तो यही कहानी है.. मजनू चाहता है लैला को, लैला किसी और की दीवानी है।" यह दिखाती है कि सदियों पुरानी यह प्रेम-कथा आज भी एकतरफा और अधूरे प्यार का प्रतीक बनी हुई है। ऐसी अधूरी मोहब्बत की शायरियों के लिए Adhuri जरूर पढ़ें।
इस पूरे संग्रह की खासियत क्या है?
"लैला" संग्रह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक क्लासिक प्रेम-कथा को गंभीरता और चुटीले हास्य - दोनों नजरियों से पेश करता है, कभी दिल छूती हुई तो कभी गुदगुदाती हुई। रिश्ते निभाने से जुड़ी शायरियों के लिए Nibhana भी देख सकते हैं।

Ek sher yahan Laila ki shaadi mein Majnu ke itna naachne ka mazakiya kissa sunata hai, to doosra aajkal ke har aashiq ki badalti kahani par tanz kasta hai jahan Majnu kisi aur ka deewana ho jaata hai. Aage Adhuri aur Mehsoos shayari bhi padhein.