मंजिल मिले न मिले, ये तो मुकद्दर की बात है
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मंजिल मिले न मिले, ये तो मुकद्दर की बात है
हम कोशिश ही न करे ये तो गलत बात है।
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मंजिल मिले न मिले, ये तो मुकद्दर की बात है
हम कोशिश ही न करे ये तो गलत बात है।
Manzilein Mile Na Mile Toh Mukaddar Ki Baat Hai,
Hum Koshish Bhi Na Karein Yeh Toh Galat Baat Hai.
