जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं
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जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा है,
हम सच मान कर ऐतबार करते हैं।
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जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा है,
हम सच मान कर ऐतबार करते हैं।
Jeene Ki Khwahish Mein Har Roz Marte Hain,
Woh Aaye Na Aaye Hum Intezaar Karte Hain,
Jhutha Hi Sahi Mere Yaar Ka Vaada Hai,
Hum Sach Maankar Aitbar Karte Hain.
