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Gandhi Jayanti Quotes

Truth and non-violence, remembered.

This page's verse calls Gandhi a devotee of truth and non-violence who never lost his courage, a fitting note for October 2. For his own words, our Anmol Vachan collection is worth a read.

सत्य अहिंसा का था वो पुजारी

सत्य अहिंसा का था वो पुजारी,
कभी ना जिसने हिम्मत हारी,
साँस दी हमें आजादी की,
जन जन है जिसका बलिहारी।

Saty ahinsa ka tha vo pujaaree,
Kabhi na jisane himmat haaree !!
Saans dee hamen aajaadee kee,
Jan jan hai jisaka balihaaree !!

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Frequently Asked Questions

गांधी जयंती के कोट्स में मुख्य रूप से किस भाव को दर्शाया जाता है?
गांधी जयंती के ज्यादातर कोट्स सत्य और अहिंसा के मूल्यों को केंद्र में रखते हैं, जैसे हमारे संग्रह की यह पंक्ति दिखाती है - "सत्य अहिंसा का था वो पुजारी, कभी ना जिसने हिम्मत हारी।" ये कोट्स बापू के जीवन-सिद्धांतों को सरल शब्दों में सामने रखते हैं, ताकि हर उम्र का पाठक उन्हें आसानी से समझ और अपना सके।
गांधी जयंती हर साल कब मनाई जाती है?
गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है, यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन के अवसर पर। यह तारीख हर साल तय रहती है क्योंकि यह गांधी जी के वास्तविक जन्मदिन (2 अक्टूबर 1869) पर आधारित है, न कि किसी चंद्र या पंचांग आधारित गणना पर, इसलिए यह भविष्य में भी हमेशा 2 अक्टूबर को ही रहेगी।
महात्मा गांधी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था, और आगे चलकर उन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े नेताओं में गिना गया।
गांधी जयंती पर कोट्स शेयर करने का क्या महत्व है?
ये कोट्स सिर्फ शुभकामना संदेश नहीं बल्कि आजादी की उस कीमत की याद दिलाते हैं जो बापू के संघर्ष से मिली - "साँस दी हमें आजादी की, जन जन है जिसका बलिहारी" इसी भावना को दर्शाती है। सोशल मीडिया पर ऐसे कोट्स शेयर करना बापू के प्रति सम्मान जताने और युवा पीढ़ी तक उनका संदेश पहुंचाने का आसान तरीका बन गया है।
गांधी जयंती को भारत में राष्ट्रीय अवकाश का दर्जा क्यों दिया गया है?
गांधी जयंती भारत के तीन राष्ट्रीय पर्वों में से एक है (बाकी दो स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस हैं), इसलिए यह पूरे देश में राजपत्रित सार्वजनिक अवकाश होता है। यह सम्मान इसलिए दिया गया क्योंकि गांधी जी को स्वतंत्रता संग्राम में उनके अहिंसक नेतृत्व के लिए राष्ट्रपिता माना जाता है, और यह दिन उनके सत्य व अहिंसा के सिद्धांतों को श्रद्धांजलि देने के लिए समर्पित है।
क्या गांधी जयंती के कोट्स केवल आजादी की बात करते हैं या और भी विषय शामिल होते हैं?
नहीं, संग्रह में साहस और सच्चाई पर अडिग रहने जैसे व्यक्तिगत गुणों पर भी कोट्स मिलते हैं - जैसे "कभी ना जिसने हिम्मत हारी" वाली पंक्ति हिम्मत और दृढ़ता को उजागर करती है। ये कोट्स बापू के व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को छूते हैं, न कि सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित रहते हैं।
2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी क्यों मनाया जाता है?
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में एक प्रस्ताव पारित कर 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day of Non-Violence) घोषित किया था, ताकि दुनियाभर में महात्मा गांधी के अहिंसा के संदेश का सम्मान किया जा सके। यानी यह तारीख भारत में गांधी जयंती और पूरी दुनिया में अहिंसा दिवस - दोनों रूपों में मनाई जाती है, जो गांधी जी के वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
गांधी जयंती पर कोट्स के अलावा और क्या कंटेंट मिल सकता है?
कोट्स के साथ-साथ आप Shayari में भावनात्मक अंदाज़ में लिखी पंक्तियाँ, और Speeches सेक्शन में स्कूल-कॉलेज कार्यक्रमों के लिए तैयार भाषण पा सकते हैं। इसके अलावा Status में छोटे और शेयर करने योग्य वन-लाइनर भी मौजूद हैं।
गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत इतने महत्वपूर्ण क्यों माने जाते हैं?
गांधी जी का मानना था कि किसी भी अन्याय के खिलाफ लड़ाई बिना हिंसा के, सत्य और नैतिक बल के सहारे भी जीती जा सकती है। सत्याग्रह और अहिंसा के इसी सिद्धांत के आधार पर उन्होंने भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई, और आगे चलकर मार्टिन लूथर किंग व नेल्सन मंडेला जैसे कई विश्व नेताओं ने भी इसी रास्ते से प्रेरणा ली।
गांधी जयंती के दिन राजघाट और स्कूलों में क्या आयोजित किया जाता है?
गांधी जयंती के दिन राजघाट (जहाँ गांधी जी का समाधि स्थल है) पर प्रार्थना सभा होती है, जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई गणमान्य लोग शामिल होते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और गांधी जी के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम का गायन आयोजित किया जाता है - इस मौके के लिए तैयार Speeches यहाँ देखे जा सकते हैं।
आम लोग गांधी जयंती अपने घर या सोशल मीडिया पर कैसे मनाते हैं?
बहुत से लोग इस दिन खादी पहनकर, स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेकर या सामाजिक सेवा के काम करके गांधी जी के विचारों को श्रद्धांजलि देते हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को भावनात्मक Wishes भेजना भी एक आम परंपरा बन गई है।
गांधी जी के अनमोल वचन आज की पीढ़ी के लिए क्यों मायने रखते हैं?
"अपने आप में वह बदलाव लाओ जो तुम दुनिया में देखना चाहते हो" जैसा उनसे जुड़ा एक बेहद मशहूर कथन सादगी, सत्य और आत्म-अनुशासन का संदेश देता है, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भी उतना ही प्रासंगिक है। यही वजह है कि हमारे Anmol Vachan सेक्शन में उनसे जुड़े ऐसे कई प्रेरक वचन संकलित किए गए हैं।
गांधी जयंती पर लोग महात्मा गांधी के कोट्स (उद्धरण) क्यों साझा करते हैं?
गांधी जी के उद्धरण कम शब्दों में गहरी बात कहने की उनकी खासियत को दर्शाते हैं, इसलिए लोग इन्हें बधाई संदेशों और सोशल मीडिया पोस्ट में शामिल करना पसंद करते हैं। ऐसे संकलित Quotes पढ़कर उनके विचारों को आसानी से याद रखा और आगे बांटा जा सकता है।
गांधी जयंती पर शायरी और भावनात्मक संदेश साझा करने की परंपरा क्यों बढ़ रही है?
गांधी जी के जीवन और बलिदान को शब्दों में पिरोकर व्यक्त करना लोगों के लिए उन्हें याद करने का एक भावनात्मक तरीका बन गया है। इसी वजह से गांधी जयंती पर लिखी गई Shayari में अक्सर सत्य, अहिंसा और आजादी के संघर्ष जैसे विषय झलकते हैं, जिन्हें लोग परिवार और दोस्तों के साथ साझा करना पसंद करते हैं।

These suit school events, social posts or a quiet tribute on Gandhi Jayanti. Our Speeches page has longer material if you're presenting.