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Gandhi Jayanti Status

Truth and ahimsa, in one short status line.

This Gandhi Jayanti status is a short Hindi verse on truth and ahimsa — the values Bapu never let go of — fit for a 2 October post. For his own words, see our Anmol Vachan.

सत्य अहिंसा का था वो पुजारी

सत्य अहिंसा का था वो पुजारी,
कभी ना जिसने हिम्मत हारी,
साँस दी हमें आजादी की,
जन जन है जिसका बलिहारी।

Saty ahinsa ka tha vo pujaaree,
Kabhi na jisane himmat haaree !!
Saans dee hamen aajaadee kee,
Jan jan hai jisaka balihaaree !!

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Frequently Asked Questions

गांधी जयंती के लिए स्टेटस किस तरह के होने चाहिए?
गांधी जयंती के स्टेटस छोटे, सीधे और जल्दी पढ़े जाने वाले होते हैं ताकि व्हाट्सऐप या इंस्टाग्राम पर आसानी से शेयर हो सकें - बापू के नाम या तस्वीर के साथ बस एक ही छोटी लाइन असर छोड़ने के लिए काफी है। लंबे कोट्स या भाषण की तरह विस्तार में जाने के बजाय, स्टेटस का पूरा मकसद ही एक झलक में सम्मान जता देना होता है।
गांधी जयंती हर साल कब मनाई जाती है?
गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है, यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन के अवसर पर। यह तारीख हर साल तय रहती है क्योंकि यह गांधी जी के वास्तविक जन्मदिन (2 अक्टूबर 1869) पर आधारित है, न कि किसी चंद्र या पंचांग आधारित गणना पर, इसलिए यह भविष्य में भी हमेशा 2 अक्टूबर को ही रहेगी।
महात्मा गांधी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था, और आगे चलकर उन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े नेताओं में गिना गया।
गांधी जयंती पर स्टेटस लगाने का चलन क्यों है?
2 अक्टूबर को लोग सोशल मीडिया पर बापू के प्रति सम्मान दिखाने के लिए स्टेटस लगाते हैं, यह श्रद्धांजलि देने का एक छोटा लेकिन असरदार तरीका है। "कभी ना जिसने हिम्मत हारी" जैसी पंक्तियाँ हिम्मत का संदेश भी देती हैं, इसलिए ये स्टेटस सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि सच्चे भाव का इज़हार बन जाते हैं।
गांधी जयंती को भारत में राष्ट्रीय अवकाश का दर्जा क्यों दिया गया है?
गांधी जयंती भारत के तीन राष्ट्रीय पर्वों में से एक है (बाकी दो स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस हैं), इसलिए यह पूरे देश में राजपत्रित सार्वजनिक अवकाश होता है। यह सम्मान इसलिए दिया गया क्योंकि गांधी जी को स्वतंत्रता संग्राम में उनके अहिंसक नेतृत्व के लिए राष्ट्रपिता माना जाता है, और यह दिन उनके सत्य व अहिंसा के सिद्धांतों को श्रद्धांजलि देने के लिए समर्पित है।
क्या गांधी जयंती के स्टेटस सिर्फ शोक या श्रद्धांजलि जैसे होते हैं?
नहीं, ज्यादातर स्टेटस गर्व और सम्मान का भाव लिए होते हैं, शोक का नहीं - ये बापू के आदर्शों को उत्सव जैसे सकारात्मक अंदाज़ में याद करते हैं, राष्ट्रीय अवकाश की गरिमा के साथ। इसलिए संग्रह में भावनात्मक और गौरवपूर्ण, दोनों तरह के स्टेटस मिलते हैं।
2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी क्यों मनाया जाता है?
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में एक प्रस्ताव पारित कर 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day of Non-Violence) घोषित किया था, ताकि दुनियाभर में महात्मा गांधी के अहिंसा के संदेश का सम्मान किया जा सके। यानी यह तारीख भारत में गांधी जयंती और पूरी दुनिया में अहिंसा दिवस - दोनों रूपों में मनाई जाती है, जो गांधी जी के वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
गांधी जयंती के स्टेटस के अलावा और क्या पढ़ा जा सकता है?
अगर आपको लंबी और विस्तृत बातें पसंद हैं तो Quotes सेक्शन देखें, और भाषण के लिए Speeches सेक्शन उपयोगी रहेगा। भावुक अंदाज़ के लिए Shayari भी उपलब्ध है।
गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत इतने महत्वपूर्ण क्यों माने जाते हैं?
गांधी जी का मानना था कि किसी भी अन्याय के खिलाफ लड़ाई बिना हिंसा के, सत्य और नैतिक बल के सहारे भी जीती जा सकती है। सत्याग्रह और अहिंसा के इसी सिद्धांत के आधार पर उन्होंने भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई, और आगे चलकर मार्टिन लूथर किंग व नेल्सन मंडेला जैसे कई विश्व नेताओं ने भी इसी रास्ते से प्रेरणा ली।
गांधी जयंती के दिन राजघाट और स्कूलों में क्या आयोजित किया जाता है?
गांधी जयंती के दिन राजघाट (जहाँ गांधी जी का समाधि स्थल है) पर प्रार्थना सभा होती है, जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई गणमान्य लोग शामिल होते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और गांधी जी के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम का गायन आयोजित किया जाता है - इस मौके के लिए तैयार Speeches यहाँ देखे जा सकते हैं।
आम लोग गांधी जयंती अपने घर या सोशल मीडिया पर कैसे मनाते हैं?
बहुत से लोग इस दिन खादी पहनकर, स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेकर या सामाजिक सेवा के काम करके गांधी जी के विचारों को श्रद्धांजलि देते हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को भावनात्मक Wishes भेजना भी एक आम परंपरा बन गई है।
गांधी जी के अनमोल वचन आज की पीढ़ी के लिए क्यों मायने रखते हैं?
"अपने आप में वह बदलाव लाओ जो तुम दुनिया में देखना चाहते हो" जैसा उनसे जुड़ा एक बेहद मशहूर कथन सादगी, सत्य और आत्म-अनुशासन का संदेश देता है, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भी उतना ही प्रासंगिक है। यही वजह है कि हमारे Anmol Vachan सेक्शन में उनसे जुड़े ऐसे कई प्रेरक वचन संकलित किए गए हैं।
गांधी जयंती पर लोग महात्मा गांधी के कोट्स (उद्धरण) क्यों साझा करते हैं?
गांधी जी के उद्धरण कम शब्दों में गहरी बात कहने की उनकी खासियत को दर्शाते हैं, इसलिए लोग इन्हें बधाई संदेशों और सोशल मीडिया पोस्ट में शामिल करना पसंद करते हैं। ऐसे संकलित Quotes पढ़कर उनके विचारों को आसानी से याद रखा और आगे बांटा जा सकता है।
गांधी जयंती पर शायरी और भावनात्मक संदेश साझा करने की परंपरा क्यों बढ़ रही है?
गांधी जी के जीवन और बलिदान को शब्दों में पिरोकर व्यक्त करना लोगों के लिए उन्हें याद करने का एक भावनात्मक तरीका बन गया है। इसी वजह से गांधी जयंती पर लिखी गई Shayari में अक्सर सत्य, अहिंसा और आजादी के संघर्ष जैसे विषय झलकते हैं, जिन्हें लोग परिवार और दोस्तों के साथ साझा करना पसंद करते हैं।

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