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Eid al-Adha Wishes

Bakrid blessings of sacrifice and sharing.

Eid al-Adha, or Bakrid, honors Ibrahim's willing sacrifice and the tradition of qurbani meat shared with those in need, and these wishes carry that spirit of generosity. Our Shayari adds a poetic Hindi touch.

Eid al-Adha Mubarak! May the spirit of Ibrahim's devotion fill your heart with faith, and may Allah accept your sacrifices and prayers.

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Wishing you and your family a blessed Bakrid. May your home be full of generosity, togetherness and delicious food shared with all.

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Popular Wishes Topics for You.

Eid Mubarak, dear friend! May this day of sacrifice remind us to give freely and to remember those who have less.

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Dear Ammi, Eid al-Adha Mubarak. Your kindness in sharing with every neighbour has taught us what this festival truly means.

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Al-Hijra Wishes

Bakrid Mubarak to you and your loved ones. May Allah reward your willingness to give and bless you with peace and prosperity.

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Dear colleague, wishing you a joyful Eid al-Adha. May you enjoy the holiday with family and return refreshed and grateful.

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ईद-उल-अज़हा मुबारक! इब्राहीम अलैहिस्सलाम की वफ़ादारी का जज़्बा आपके दिल को ईमान से भरे और अल्लाह आपकी क़ुर्बानी क़ुबूल करे।

Eid-ul-Azha Mubarak! Ibrahim alaihissalam ki wafaadaari ka jazba aapke dil ko imaan se bhare aur Allah aapki qurbaani qubool kare.

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आपको और आपके परिवार को बकरीद मुबारक। आपका घर दरियादिली, एकजुटता और सबके साथ बाँटे गए लज़ीज़ खाने से भरा रहे।

Aapko aur aapke parivaar ko Bakrid Mubarak. Aapka ghar dariyadili, ekjutata aur sabke saath baante gaye lazeez khaane se bhara rahe.

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प्यारे दोस्त, ईद मुबारक! क़ुर्बानी का यह दिन हमें खुलकर देना और उन्हें याद रखना सिखाए जिनके पास कम है।

Pyaare dost, Eid Mubarak! Qurbaani ka yeh din hamein khulkar dena aur unhein yaad rakhna sikhaaye jinke paas kam hai.

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Bakra Eid Wishes

अम्मी जान, ईद-उल-अज़हा मुबारक। हर पड़ोसी के साथ बाँटने की आपकी आदत ने हमें इस त्योहार का असली मतलब सिखाया है।

Ammi jaan, Eid-ul-Azha Mubarak. Har padosi ke saath baantne ki aapki aadat ne hamein is tyohaar ka asli matlab sikhaaya hai.

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आपको और आपके अपनों को बकरीद मुबारक। अल्लाह आपके देने के जज़्बे का सिला दे और आपको अमन और खुशहाली बख़्शे।

Aapko aur aapke apnon ko Bakrid Mubarak. Allah aapke dene ke jazbe ka sila de aur aapko aman aur khushhaali bakhshe.

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प्रिय सहकर्मी, ईद-उल-अज़हा की हार्दिक शुभकामनाएँ। परिवार के साथ छुट्टी का लुत्फ़ उठाइए और तरोताज़ा होकर लौटिए।

Priya sahkarmi, Eid-ul-Azha ki haardik shubhkaamnaayein. Parivaar ke saath chhutti ka lutf uthaaiye aur tarotaaza hokar lautiye.

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दिए जलते और जगमगाते रहें,
हम आपको इसी तरह याद आते रहें,
जब तक ज़िंदगी है ये दुआ है हमारी,
आप ईद के चाँद की तरह जगमगाते रहें !!

Diye jalte aur jagmagate rahen,
Hum aapko is tarah yaad aate rahen !!
Jab tak zindagee hai ye dua hai hamaaree,
Aap eed ke chaand kee tarah jagamagaate rahen !!

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Frequently Asked Questions

ईद-उल-अज़हा की शुभकामनाएं ईद-उल-फ़ित्र की शुभकामनाओं से किस तरह अलग होती हैं?
ईद-उल-अज़हा कुर्बानी और हज के त्योहार से जुड़ी है, जबकि ईद-उल-फ़ित्र रमजान के रोज़ों के खत्म होने का जश्न है — इसलिए भले ही "दिए जलते और जगमगाते रहें, हम आपको इसी तरह याद आते रहें, जब तक ज़िंदगी है ये दुआ है हमारी, आप ईद के चाँद की तरह जगमगाते रहें !!" जैसी पारंपरिक दुआ दोनों मौकों पर भेजी जाती है, ईद-उल-अज़हा के संदेशों में अक्सर त्याग और कुर्बानी की भावना भी जोड़ी जाती है।
ईद उल-अज़हा को "कुर्बानी की ईद" क्यों कहा जाता है और इसकी धार्मिक बुनियाद क्या है?
इस्लामी मान्यता के अनुसार पैग़म्बर इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को सपने में अपने बेटे इस्माईल की कुर्बानी देने का हुक्म मिला था, और जब उन्होंने अल्लाह के प्रति अपनी संपूर्ण आज्ञाकारिता दिखाते हुए यह करने की तैयारी की, तो अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक मेढ़े की कुर्बानी कबूल कर ली। ईद उल-अज़हा इसी बेमिसाल त्याग और समर्पण की याद में मनाई जाती है।
ईद-उल-अज़हा की शुभकामनाओं में कौन सी भावना केंद्र में रहती है?
दुआ और सलामती की भावना केंद्र में रहती है — "जब तक ज़िंदगी है ये दुआ है हमारी" पंक्ति इसी भाव को दर्शाती है, साथ ही यह त्योहार हज यात्रियों और उनके परिवारों के लिए दुआ का भी मौका होता है।
2027 में ईद उल-अज़हा किस तारीख़ के आसपास पड़ने की उम्मीद है?
चांद दिखने पर आधारित हिजरी कैलेंडर के अनुसार 2027 में ईद उल-अज़हा 17 मई के आसपास पड़ सकती है, हालांकि असली तारीख़ का एलान चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही होता है और यह एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
ईद-उल-अज़हा शुभकामनाओं के बाद और क्या देखा जा सकता है?
छोटे स्टेटस के लिए ईद-उल-अज़हा स्टेटस पेज देखें, और लंबी रचनाओं के लिए ईद-उल-अज़हा शायरी पर जाएं।
कुर्बानी की रस्म में मांस को तीन हिस्सों में बांटने की परंपरा का क्या मतलब है?
परंपरा के अनुसार कुर्बानी के गोश्त को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है - एक हिस्सा अपने परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा ज़रूरतमंदों तथा ग़रीबों के लिए। यह बंटवारा त्याग की भावना को समाज सेवा से जोड़ता है।
ईद उल-अज़हा का हज यात्रा से क्या संबंध है?
ईद उल-अज़हा ज़ुल-हिज्जा महीने की 10 तारीख़ को, हज यात्रा के समापन के आसपास मनाई जाती है। जो मुसलमान मक्का नहीं पहुंच पाते, वे भी दुनियाभर में अपने-अपने शहरों में यही कुर्बानी और इबादत करते हैं ताकि हज करने वालों के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव बना रहे।
इस दिन नमाज़ और सामाजिक जिम्मेदारी को कैसे जोड़ा जाता है?
सुबह ईद की विशेष नमाज़ अदा करने के बाद कुर्बानी की रस्म निभाई जाती है, और इसके तुरंत बाद ग़रीबों तक गोश्त पहुंचाने का काम शुरू हो जाता है, ताकि इबादत के साथ-साथ समाज के कमज़ोर वर्ग की मदद भी हो सके।
लोग ईद उल-अज़हा की गंभीरता और खुशी दोनों को कैसे व्यक्त करते हैं?
बहुत से लोग इस पावन मौक़े पर धार्मिक भाव से भरी Quotes और Shayari साझा करते हैं, तो कुछ अपनों को दिल से Wishes भेजकर त्याग और समर्पण की इस भावना को याद करते हैं।

These lines work as texts, cards or WhatsApp status updates for the day of Eid namaz and family visits. If Islamic New Year is coming up too, our Al-Hijra wishes are ready.