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Eid al-Adha Quotes, Shayari & Wishes

A festival built on devotion, sacrifice and sharing.

Eid al-Adha, the 'festival of sacrifice', commemorates Prophet Ibrahim's willingness to sacrifice his son in obedience to God, an act that Islamic tradition holds was replaced at the last moment with a ram. The festival coincides with the culmination of the annual Hajj pilgrimage to Mecca and is marked by special congregational prayers. Send your greetings with our Quotes and Wishes collections.

Frequently Asked Questions

ईद उल-अज़हा को "कुर्बानी की ईद" क्यों कहा जाता है और इसकी धार्मिक बुनियाद क्या है?
इस्लामी मान्यता के अनुसार पैग़म्बर इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को सपने में अपने बेटे इस्माईल की कुर्बानी देने का हुक्म मिला था, और जब उन्होंने अल्लाह के प्रति अपनी संपूर्ण आज्ञाकारिता दिखाते हुए यह करने की तैयारी की, तो अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक मेढ़े की कुर्बानी कबूल कर ली। ईद उल-अज़हा इसी बेमिसाल त्याग और समर्पण की याद में मनाई जाती है।
2027 में ईद उल-अज़हा किस तारीख़ के आसपास पड़ने की उम्मीद है?
चांद दिखने पर आधारित हिजरी कैलेंडर के अनुसार 2027 में ईद उल-अज़हा 17 मई के आसपास पड़ सकती है, हालांकि असली तारीख़ का एलान चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही होता है और यह एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
कुर्बानी की रस्म में मांस को तीन हिस्सों में बांटने की परंपरा का क्या मतलब है?
परंपरा के अनुसार कुर्बानी के गोश्त को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है - एक हिस्सा अपने परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा ज़रूरतमंदों तथा ग़रीबों के लिए। यह बंटवारा त्याग की भावना को समाज सेवा से जोड़ता है।
ईद उल-अज़हा का हज यात्रा से क्या संबंध है?
ईद उल-अज़हा ज़ुल-हिज्जा महीने की 10 तारीख़ को, हज यात्रा के समापन के आसपास मनाई जाती है। जो मुसलमान मक्का नहीं पहुंच पाते, वे भी दुनियाभर में अपने-अपने शहरों में यही कुर्बानी और इबादत करते हैं ताकि हज करने वालों के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव बना रहे।
इस दिन नमाज़ और सामाजिक जिम्मेदारी को कैसे जोड़ा जाता है?
सुबह ईद की विशेष नमाज़ अदा करने के बाद कुर्बानी की रस्म निभाई जाती है, और इसके तुरंत बाद ग़रीबों तक गोश्त पहुंचाने का काम शुरू हो जाता है, ताकि इबादत के साथ-साथ समाज के कमज़ोर वर्ग की मदद भी हो सके।
लोग ईद उल-अज़हा की गंभीरता और खुशी दोनों को कैसे व्यक्त करते हैं?
बहुत से लोग इस पावन मौक़े पर धार्मिक भाव से भरी Quotes और Shayari साझा करते हैं, तो कुछ अपनों को दिल से Wishes भेजकर त्याग और समर्पण की इस भावना को याद करते हैं।

The day traditionally involves qurbani, the sacrifice of an animal such as a goat, sheep or cow, with the meat divided into three shares for family, friends and those in need. Families gather for festive meals and exchange greetings of 'Eid Mubarak' across the days of celebration that follow. Share the occasion with our Shayari and Status collections.