प्रार्थना माँगना नहीं है. यह आत्मा की लालसा है,
यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है,
प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है..
feelthewords.com
प्रार्थना माँगना नहीं है. यह आत्मा की लालसा है,
यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है,
प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है..
