किसी ने पूछा कि अच्छी किताबें पढ़ते हैं तो नींद आने लगती है
लेकिन सिनेमा में फिल्म देखते हैं तो नींद नहीं आती
एक सन्यासी ने सुन्दर जवाब दिया कि –
“नींद हमेशा फूलों की सेज पर ही आती है
काँटों के बिस्तर पर नहीं”
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किसी ने पूछा कि अच्छी किताबें पढ़ते हैं तो नींद आने लगती है
लेकिन सिनेमा में फिल्म देखते हैं तो नींद नहीं आती
एक सन्यासी ने सुन्दर जवाब दिया कि –
“नींद हमेशा फूलों की सेज पर ही आती है
काँटों के बिस्तर पर नहीं”
