मनुष्य की सेवा ही ईश्वर की सेवा है
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जीव की सेवा ही शिव की सेवा है; जो व्यक्ति दुखी और पीड़ित मनुष्यों की सेवा करता है, वही वास्तव में ईश्वर की सच्ची आराधना करता है। — स्वामी विवेकानंद
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जीव की सेवा ही शिव की सेवा है; जो व्यक्ति दुखी और पीड़ित मनुष्यों की सेवा करता है, वही वास्तव में ईश्वर की सच्ची आराधना करता है। — स्वामी विवेकानंद
