Frequently Asked Questions
हरियाली तीज क्या है और इसे कब मनाया जाता है?
हरियाली तीज सावन मास की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है, जो मानसून के आगमन, हरियाली और भगवान शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का उत्सव है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन देवी पार्वती को कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव पति के रूप में प्राप्त हुए थे, इसलिए यह दिन वैवाहिक सुख और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व मुख्यतः उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है।
हरियाली तीज पर व्रत और पूजा की क्या परंपरा है?
विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला या फलाहार व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहा वर पाने की कामना से यह व्रत करती हैं। शाम को महिलाएं मां पार्वती और शिवजी की विधिवत पूजा करती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और एक-दूसरे को मेहंदी लगाती हैं। इस अवसर पर परिवार और सहेलियों को भेजी जाने वाली Wishes भी परंपरा का हिस्सा बन चुकी हैं।
हरियाली तीज पर झूला झूलने और हरे रंग का इतना महत्व क्यों है?
सावन का महीना मानसून और हरियाली का प्रतीक है, इसलिए इस पर्व पर हरे रंग के वस्त्र, हरी चूड़ियां और मेहंदी को शुभ माना जाता है — यह प्रकृति के नवजीवन और सुहाग की मंगलकामना दोनों को दर्शाता है। गांवों और शहरों में पेड़ों पर झूले डाले जाते हैं, महिलाएं समूह में झूला झूलते हुए पारंपरिक तीज गीत गाती हैं, जो इस त्योहार के सामूहिक उल्लास का सबसे जीवंत रूप है।
क्या हरियाली तीज हर साल एक ही तारीख को पड़ती है?
नहीं, हरियाली तीज हिंदू चंद्र पंचांग की तिथि पर आधारित है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती है। अगली हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को होने की संभावना है, लेकिन चूंकि यह तिथि चंद्रमा की गणना पर निर्भर करती है, इसलिए स्थानीय पंचांग से तिथि की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
हरियाली तीज और हरतालिका तीज या कजरी तीज में क्या अंतर है?
सावन-भाद्रपद में तीन प्रमुख तीज पर्व आते हैं — सावन शुक्ल तृतीया की हरियाली तीज (जिसे श्रावणी तीज भी कहते हैं), भाद्रपद की हरतालिका तीज (जिसमें व्रत अधिक कठोर, निर्जला रखा जाता है) और कृष्ण पक्ष की कजरी तीज। तीनों पर्व शिव-पार्वती की भक्ति और सुहाग की मंगलकामना से जुड़े हैं, लेकिन तिथि, व्रत की कठोरता और क्षेत्रीय प्रचलन में भिन्नता है — हरियाली तीज मुख्यतः उत्तर भारत में मनाई जाती है जबकि हरतालिका तीज उत्तर व मध्य भारत दोनों में लोकप्रिय है।
