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Ambedkar Jayanti Wishes

Tribute wishes for the architect of equality

These Ambedkar Jayanti wishes are built for sharing a tribute, not just a greeting — lines that nod to Baba Saheb's fight for equality and justice. Pair one with a line from our Ambedkar Jayanti Quotes for a fuller post.

खाली नाम के यहा पर कितने भगवान हो गये,
लेकीन एकही भीम के करम से आज हम इन्सान बन गये,
जिन्हे चलना, संभलना याद न था
आज धूल से उठकर आसमान बन गये,
ये मेरे भीम बाबा हमको है बचाया तुमने,
अरे ठुकराया था उस दुनिया ने,
तो पहले गले से लगाया तुमने,

आंबेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

Khaalee naam ke yaha par kitane bhagavaan ho gaye,
Lekeen ekahee bheem ke karam se aaj ham insaan ban gaye,
Jinhe chalana, sambhalana yaad na tha
Aaj dhool se uthakar aasamaan ban gaye,
Ye mere bheem baaba hamako hai bachaaya tumane,
Are thukaraaya tha us duniya ne,
To pahale gale se lagaaya tumane,

Aambedakar jayantee kee haardik shubhakaamanaen

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Though I was born a Hindu, I solemnly assure you that I will not die as a Hindu.

B. R. Ambedkar

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Frequently Asked Questions

अम्बेडकर जयंती पर किसी को संदेश भेजते समय क्या ध्यान रखें?
संदेश में डॉ. अम्बेडकर के संघर्ष और योगदान के प्रति सम्मान झलकना चाहिए, जैसे "खाली नाम के यहा पर कितने भगवान हो गये, लेकीन एकही भीम के करम से आज हम इन्सान बन गये, जिन्हे चलना, संभलना याद न था आज धूल से उठकर आसमान बन गये, ये मेरे भीम बाबा हमको है बचाया तुमने" जैसी पंक्तियाँ उनके संघर्ष को स्पष्ट रूप से सामने रखती हैं।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल को क्यों मनाई जाती है?
डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। भारतीय संविधान की मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका और सामाजिक न्याय व समानता के लिए किए गए उनके जीवनभर के प्रयासों की स्मृति में यह दिन राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।
क्या डॉ. अम्बेडकर के अपने विचार संदेश में उद्धृत किए जा सकते हैं?
हाँ, "Though I was born a Hindu, I solemnly assure you that I will not die as a Hindu." जैसा उद्धरण सीधे उनके शब्दों में है और उनके वैचारिक साहस को दर्शाने के लिए संदेश में शामिल किया जा सकता है।
भारतीय संविधान के निर्माण में उनका क्या योगदान रहा?
संविधान सभा की मसौदा समिति (ड्राफ्टिंग कमेटी) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त वे स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री भी रहे।
क्या यह संदेश केवल एक समुदाय तक सीमित रखना चाहिए?
नहीं, डॉ. अम्बेडकर का योगदान भारतीय संविधान और सामाजिक न्याय के रूप में पूरे देश से जुड़ा है, इसलिए यह संदेश किसी भी व्यक्ति को भेजा जा सकता है जो उनके कार्य का सम्मान करता है।
सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उनका योगदान किस रूप में देखा जाता है?
उन्होंने जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता के विरुद्ध जीवनभर संघर्ष किया, दलित समुदाय के अधिकारों व शिक्षा के लिए कई आंदोलन चलाए, और 1956 में नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया।
अम्बेडकर जयंती से जुड़ी और सामग्री कहाँ देखें?
Quotes पेज पर अधिक उद्धरण मिलेंगे, और Shayari पेज पर भावनात्मक शैली में लिखी पंक्तियाँ उपलब्ध हैं।
इस दिन को देशभर में कैसे मनाया जाता है?
उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण, शोभायात्राएं, संगोष्ठियां आयोजित की जाती हैं, यह दिन सरकारी अवकाश (गजेटेड हॉलिडे) के रूप में मान्य है, और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में विशेष सामुदायिक कार्यक्रम होते हैं। लोग इस अवसर पर अंबेडकर जयंती के विचार साझा करते हैं।
उन्हें "बाबासाहेब" के नाम से क्यों संबोधित किया जाता है?
यह सम्मानसूचक उपाधि उनके प्रति व्यापक जनसमुदाय की श्रद्धा को दर्शाती है, विशेषकर दलित और वंचित समुदायों में, जिन्हें उनके संघर्ष से सामाजिक व शैक्षणिक अवसर प्राप्त हुए। इस दिन लोग शुभकामना संदेश और स्टेटस भी साझा करते हैं।

Use them on social media, in a family group, or wherever you want to mark the day with respect. For rhyme and rhythm instead, try Ambedkar Jayanti Shayari.