हम तो खुशियाँ उधार देने का
कारोबार करते हैं,साहब
कोई वक़्त पे लौटाता नहीं है
इसलिए घाटे में हैं….
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हम तो खुशियाँ उधार देने का
कारोबार करते हैं,साहब
कोई वक़्त पे लौटाता नहीं है
इसलिए घाटे में हैं….
