मिले जब संत समाज, मन को मिलता है राज़।
भक्ति का रस वहाँ बरसे, पूरा हो हर काज॥
कथा कीर्तन सुनने को आओ,
जीवन का सच्चा अर्थ पाओ।
मिले जब संत समाज, मन को मिलता है राज़॥
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मिले जब संत समाज, मन को मिलता है राज़।
भक्ति का रस वहाँ बरसे, पूरा हो हर काज॥
कथा कीर्तन सुनने को आओ,
जीवन का सच्चा अर्थ पाओ।
मिले जब संत समाज, मन को मिलता है राज़॥
