Navaratri Wishes, Shayari & Status
Nine nights, nine forms of the goddess, across the Hindu calendar.
Navaratri, meaning 'nine nights', is celebrated across India in honour of nine forms of Goddess Durga, with each day dedicated to a different aspect of the goddess through fasting, dance and prayer, and it culminates in Dussehra. Send Wishes or update your Status for the festival.
Frequently Asked Questions
नवरात्रि 2026 में कब से शुरू हो रही है और इसकी तारीख हर साल क्यों बदलती है?
शारदीय नवरात्रि, यानी साल की सबसे बड़ी नवरात्रि, 2026 में 11 अक्टूबर से शुरू होगी। नवरात्रि की तारीख हर साल एक जैसी इसलिए नहीं रहती क्योंकि यह हिन्दू पंचांग यानी चंद्र-सौर कैलेंडर पर आधारित है और अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है, जो अंग्रेजी कैलेंडर की तारीखों में हर साल आगे-पीछे होती रहती है।
नवरात्रि में "नौ रातों" का क्या महत्व है?
नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ ही "नौ रातें" है, और इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों यानी नवदुर्गा की पूजा की जाती है, जैसे शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा और अंत में सिद्धिदात्री। हर दिन एक अलग स्वरूप को समर्पित होता है, जो शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
क्या साल में सिर्फ एक ही नवरात्रि आती है?
नहीं, हिन्दू पंचांग के अनुसार साल में चार नवरात्रि आती हैं, लेकिन इनमें से शारदीय (शरद ऋतु की) और चैत्र नवरात्रि सबसे ज्यादा मनाई जाती हैं। शारदीय नवरात्रि, जो दशहरे से ठीक पहले आती है, सबसे बड़े स्तर पर मनाई जाती है और आमतौर पर जब लोग सिर्फ "नवरात्रि" कहते हैं तो उनका इशारा इसी की ओर होता है।
नवरात्रि का दशहरे यानी विजयादशमी से क्या संबंध है?
नवरात्रि के नौ दिनों के तुरंत बाद दसवें दिन दशहरा यानी विजयादशमी मनाई जाती है, जो देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत और भगवान राम की रावण पर विजय, दोनों का प्रतीक मानी जाती है। इसी वजह से नवरात्रि और दशहरे को एक साथ जुड़ा हुआ त्योहार-सिलसिला माना जाता है।
गुजरात में नवरात्रि इतनी अलग और खास तरीके से क्यों मनाई जाती है?
गुजरात में नवरात्रि गरबा और डांडिया रास के लिए मशहूर है, जहाँ लोग रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े पहनकर रातभर घेरे में घूम-घूमकर नाचते हैं। यह सामूहिक नृत्य देवी की आराधना का ही एक उल्लासभरा रूप है, और अब यह परंपरा गुजरात के बाहर भी देश-विदेश में उतनी ही लोकप्रिय हो चुकी है।
बंगाल में नवरात्रि को दुर्गा पूजा के रूप में क्यों मनाया जाता है?
पश्चिम बंगाल में नवरात्रि के आखिरी चार-पांच दिन दुर्गा पूजा के रूप में बड़े पंडालों, भव्य देवी प्रतिमाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाए जाते हैं। यह क्षेत्रीय रूप उसी देवी आराधना का विस्तार है, बस इसका स्वरूप और उत्सव मनाने का तरीका गुजरात या उत्तर भारत से अलग है।
नवरात्रि के दौरान व्रत यानी उपवास रखने की परंपरा क्यों है?
कई भक्त नवरात्रि के नौ दिनों में व्रत रखते हैं, जिसे मन और शरीर की शुद्धि तथा देवी के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का तरीका माना जाता है। कुछ लोग पूरे नौ दिन उपवास रखते हैं तो कुछ केवल पहले और आखिरी दिन, यह हर भक्त की अपनी आस्था और सामर्थ्य पर निर्भर करता है।
नवरात्रि के मौके पर लोग सोशल मीडिया पर क्या साझा करते हैं?
नवरात्रि से जुड़ी शायरी में आमतौर पर किन भावों की झलक मिलती है?
नवरात्रि की Shayari में अक्सर देवी की भक्ति, माँ के आशीर्वाद की चाह और शरद ऋतु के त्योहारी माहौल जैसी भावनाएं झलकती हैं, जो भक्तों की श्रद्धा को शब्दों में पिरो देती हैं।
क्या नवरात्रि पर हल्के-फुल्के चुटकुले यानी जोक्स भी साझा किए जाते हैं?
हां, त्योहार के भक्तिभाव के साथ-साथ नवरात्रि पर गरबा, व्रत और उपवास जैसी रोजमर्रा की स्थितियों पर हल्के-फुल्के Jokes भी खूब साझा किए जाते हैं, जो त्योहार के माहौल में हंसी-मजाक का पुट जोड़ देते हैं।
