उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है।
जो सोवत है सो खोवत है, जो जागत है सो पावत है॥
प्रभु का नाम लेकर जग में आगे बढ़,
सुबह की किरण संग मन को जोड़।
उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है॥
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उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है।
जो सोवत है सो खोवत है, जो जागत है सो पावत है॥
प्रभु का नाम लेकर जग में आगे बढ़,
सुबह की किरण संग मन को जोड़।
उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है॥
