Frequently Asked Questions
मौनी अमावस्या का क्या महत्व है?
मौनी अमावस्या माघ माह की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है, और इसे वर्ष की सबसे पवित्र अमावस्याओं में गिना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मौन धारण कर स्नान और ध्यान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है, इसीलिए इसे "मौनी" (मौन से जुड़ी) अमावस्या कहा जाता है।
इस दिन का कुंभ मेले से क्या संबंध है?
कुंभ और माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या को सबसे प्रमुख स्नान पर्वों में से एक माना जाता है, जब प्रयागराज के संगम तट पर लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए एकत्र होते हैं। इसे "अमृत स्नान" के दिनों में से एक माना जाता है।
2027 में मौनी अमावस्या किस दिन पड़ रही है?
अगली मौनी अमावस्या 6 फरवरी 2027 को मनाई जाना अनुमानित है, हालांकि चंद्र पंचांग पर आधारित होने के कारण हर साल इसकी तारीख ग्रेगोरियन कैलेंडर में बदलती रहती है।
इस दिन श्रद्धालु किस तरह पूजा-अर्चना करते हैं?
लोग सुबह जल्दी पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, मौन व्रत रखते हैं, पितरों का तर्पण करते हैं और दान-पुण्य के कार्य करते हैं। कई लोग इस पावन अवसर पर Wishes भेजकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।
