Frequently Asked Questions
होला मोहल्ला क्या है और इसकी शुरुआत किसने की?
होला मोहल्ला सिख पंथ का एक विशेष पर्व है, जिसकी शुरुआत दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में की थी। यह होली के अगले दिन मनाया जाता है, लेकिन रंग खेलने के बजाय इसमें सिख योद्धाओं द्वारा शौर्य और युद्ध-कौशल का प्रदर्शन किया जाता है।
इस पर्व की तारीख हर साल क्यों बदलती है?
होला मोहल्ला होली के अगले दिन मनाया जाता है, और चूंकि होली हिन्दू चंद्र पंचांग की फाल्गुन पूर्णिमा पर आधारित है, इसलिए होला मोहल्ला की तारीख भी हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर में बदलती रहती है। अगला होला मोहल्ला 22 मार्च 2027 के आसपास मनाया जाना अनुमानित है।
आनंदपुर साहिब में इस दौरान क्या-क्या आयोजित होता है?
निहंग सिख घुड़सवारी, तलवारबाज़ी, गतका (पारंपरिक मार्शल आर्ट) और तीर-अंदाज़ी जैसे कौशल दिखाते हैं। इसके साथ ही कीर्तन दरबार और लंगर का भी विशाल आयोजन होता है, और लोग इस पराक्रम के पर्व पर एक-दूसरे को Wishes भेजते हैं।
