Frequently Asked Questions
गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस क्यों मनाया जाता है?
सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक में मुगल सम्राट औरंगज़ेब के आदेश पर बलिदान दिया था। उनकी इसी शहादत की याद में यह दिवस मनाया जाता है।
उन्हें "हिंद की चादर" क्यों कहा जाता है?
कश्मीरी पंडितों को जबरन धर्म परिवर्तन से बचाने और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए अपना बलिदान देने के कारण गुरु तेग बहादुर जी को "हिंद की चादर" (भारत की रक्षा करने वाले) की उपाधि दी जाती है।
इस दिन को किस तरह स्मरण किया जाता है?
गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन, अखंड पाठ और शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं, विशेष रूप से दिल्ली के गुरुद्वारा शीशगंज साहिब में जहां उनकी शहादत हुई थी। श्रद्धालु उनके त्याग और साहस को याद करते हुए Quotes साझा करते हैं।
